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डायबिटीज (diabetes) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव बहुत ही आसन भाषा में। (Here are 5 proven tips)

डायबिटीज क्या है? ( What is diabetes?)

जब शरीर में पैंक्रियाज में इंसुलिन की कमी हो जाती है, मतलब इंसुलिन शरीर में काम हो जाता है, तो खून में ग्लूकोस की मात्रा ज्यादा हो जाती है इसे ही डायबिटीज (मधुमेह) कहते हैं। बात करें अगर इंसुलिन की तो यह एक तरह का तरल हार्मोन होता है जो शरीर के अंदर पाचन ग्रंथि में बनता है।

डायबिटीज एक गंभीर मेटाबॉलिक बीमारी है, जिसमें शरीर खून में ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल नहीं कर पाता है डायबिटीज की दिक्कत तब होती हैं जब हमारा शरीर पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बना पाता या जो इंसुलिन बनाता है, उसे हमारा शरीर सही से उपयोग नहीं कर पाता है।

आखिर क्यों होती है डायबिटीज ( causes of diabetes?)

  1. जेनेटिक: अगर परिवार के किसी सदस्य माता पिता या दादा दादी किसी को डायबीटिज की समस्या रही है तो यह संभावना है कि आने वाली पीढ़ी को यह हो सकती है।
  2. आखिर क्यों होती है डायबिटीज मोटापा या वजन बढ़ना:  ज्यादा वजन बढ़ने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, ज्यादा मोटापा होने के कारण पैंक्रियाज कमजोर हो जाता है और जिससे इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता और मधुमेह हो जाता है ।
  3. कोई फिजिकल एक्टिविटी न करना: अगर कोई व्यक्ति हर वक्त बैठा रहता है  या उसका ज्यादातर काम बैठे बैठे होता है वह कोई एक्सरसाइज या एक्टिविटी नहीं करता है तो शरीर में अतिरिक्त शुगर जमा होने लगती है। जबकि फिजिकल एक्टिविटीज ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती हैं।
  4. गर्भावस्था में डायबीटिज: कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज की समस्या हो जाती है, जिसे हम गर्भकालीन डायबिटीज भी कहते हैं। उनको यह समस्या हार्मोनल बदलाव के कारण होती है। और यह डिलीवरी के बाद ठीक भी हो सकती है, लेकिन इससे भविष्य ने डायबिटीज का टाइप 2 होने का खतरा बढ़ जाता है।
  5. उम्र: जब हमारी उम्र 40 साल हो जाती है तो शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम होने लगता है। जिनकी उम्र 40 से ऊपर होती है उन्हें डायबिटीज टाइट 2 होने का खतरा बढ़ जाता है।
  6. गलत खानपान:  हमारे शरीर को सबसे ज्यादा प्रभावित हमारा खानपान करता है ज्यादा मीठा, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और  रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स ( मैदा चावल ब्रेड) या ज्यादा फैटी और ऑयली फूड यह इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं जिससे sugar level तेजी से बढ़ता है ।
  7. हार्मोनल असंतुलन: PCOS और थायराइड जैसी बीमारियां शरीर में इंसुलिन  रेजिस्टेंस को बढ़ा देती हैं जबकि तनाव और डिप्रेशन हार्मोनल बैलेंस को गड़बड़ कर देती हैं जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
  8. धूम्रपान और शराब का सेवन: करने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है और डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

डायबिटीज के लक्षण ( Symptoms of Diabetes)

डायबिटीज या मधुमेह होने के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं जैसे कि –

  • बार बार पेशाब आना ( Frequent urination)
  • ज्यादा भूख लगना ( Increased hunger) 
  • धुंधला दिखाई देना ( Blurry vision)
  • अधिक प्यास लगना ( Excessive thirst)
  • थकान ( Fatigue)
  • मूड बदलना ( Mood swings)
  • घावों का धीमा भरना ( Slow Healing of Wounds)
  • यौन अक्षमता ( Erectile Dysfunction)
  • शुष्क त्वचा और खुजली ( Dry Skin and Itching)
  •  अपरिहार्य वजन की कमी( Unexplained Weight Loss) 
  • बार बार संक्रमण ( Frequent Infection)
  • हड्डियों में सुन्न या झुनझुनाहट जैसा आभास ( Numbness or Tingling in Extremities) 

डायबिटीज से बचाव कैसे करें? ( Prevention of Diabetes)

डायबिटीज जैसी भयानक बीमारी को भी ठीक किया जा सकता है डायबिटीज से बचाब के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना सबसे जरूरी है अगर हम सही समय पर अपनी आदतों को बदल लें, तो हम डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। डायबिटीज से बचाव के उपाय नीचे निम्न प्रकार हैं।

1. हेल्दी डाइट अपनाएं ( Healthy Diet for Diabetics Prevention) 

हम अपना खानपान सुधारकर डायबीटिज से बच सकते हैं।

✅ फाइबर युक्त आहार जैसे हरि सब्जियां, फल, ओट्स, ब्राउन राइस, दाल और साबुत अनाज खाएं।

✅ रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स ( मैदा, व्हाइट राइस, ब्रेड) खाने से बचें।

✅ हेल्दी फैट्स लें जैसे बादाम, मूंगफली, अखरोट, चिया सीड्स और जैतून का सेवन करें।

✅ खाने के बाद तुरंत बैठे नहीं हल्का टहले, ताकि ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहे।

✅प्रोटीन युक्त भोजन करें जैसे अंडा, डाल, सोयाबीन पनीर और चिकन को डाइट में शामिल करें।

2. नियमित एक्सरसाइज करें ( Regular Exercise)

हम नियमित एक्सरसाइज करके या को भी शारीरिक गतिविधि करके अपने शरीर को किसी भी बीमारी से बचा सकते हैं। इससे इंसुलिन को सही से काम करने में मदद मिलती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखती है।

✅ रोजाना 30 से 35 मिनट तक एक्सरसाइज करें।

✅ मॉर्निंग वॉक पर जाएं।

✅ज्यादा से ज्यादा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

✅ इसके अलावा डांस और स्विमिंग भी कर सकते हैं। यह कैलोरी बर्न करने का एक मजेदार तरीका है।

3. वजन को मेंटेन रखें ( Maintain Weight)

शरीर का बढ़ता वजन ( मोटापा) डायबीटिज का सबसे बड़ा कारण है अगर आप अपने वजन को नियंत्रित रखते है तो आप टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को 50 से 60 % तक कम कर सकते हैं।

✅ पेट की चर्बी को घटाएं।

✅हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज से वजन को कम करें।

यह भी पढ़ें!  मोटापा कैसे कम करें जाने 10 सबसे प्रभावी उपाय।

4. तनाव लेने से बचें ( Manage Stress to Prevent Diabetes)

तनाव हमे शरीर को अंदर से खोखला कर देता है , स्ट्रेस लेने से कोर्टिसोल (cortosol) नमक हार्मोन बढ़ता है जो इंसुलिन को प्रभावित करता है जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

✅इसके लिए रोजाना मेडिटेशन और योग करें ।

✅ 7 से 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लें।

✅इसके अलाव अपनी पसंद के मुताबिक संगीत सुने, पेंटिंग करें या अपनी कोई हॉबी पर काम करें।

5. रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं

अगर आपके परिवार में किसी को भी इतिहास में डायबिटीज की समस्या रही है, तो आपको हर 3 से 4 नहीं  महीने में ब्लड शुगर टेस्ट कराना चाहिए इसके साथ ब्लड शुगर टेस्ट,ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी चेक कराएं।

6. ब्लड शुगर कंट्रोल ( Blood Pressure Control)

अगर आपको heart से जुड़ी कोई समस्या है तो आपका बल्ड प्रेशर कंट्रोल रखन बेहद जरूरी है। ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने से डायबीटिज का खतरा बढ़ सकता है ।

7. पर्याप्त पानी पीएं ( Hydration)

पानी हमारे शरीर को हाइड्रेट रखता है। हमारे शरीर में भरपूर मात्रा में पानी होने से हम किसी भी बीमारी को दूर कर सकते हैं रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पिए इससे बल्ड शुगर नियंत्रित रहता है ।

✅ आप नींबू पानी, ग्रीन टी, नारियल पानी, सोडा या जूस का भी सेवन कर सकते हैं।

8. पर्याप्त नींद लें ( Proper Sleep is Essential)

जब आप देर रात तक जागते हैं तो हमारे शरीर का इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है जिससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।

✅ 7 से 8 घंटे की गहरी ओर अच्छी नींद ले। यह बल्ड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती है।

✅ सोने का समय 10 से 11 के बीच रखें।

डायबीटिज का इलाज़ या निदान ( Diagnosis of Diabetes)

डायबिटीज का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है। आप कुछ घरेलू इलाज भी कर सकते है, और अगर आपको ज्यादा समस्या है, तो चिकित्सक आपको कुछ टेस्ट कराने के लिए कह सकता है।और फिर वह उन रिपोर्ट्स के अनुसार  ही आपका इलाज करता है। चिकित्सक द्वारा सुझाए जाए टेस्ट कुछ इस प्रकार हो सकते हैं।

इंसुलिन टेस्ट ( Insulin Test)

इंसुलिन टेस्ट इसलिए कराया जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से इंसुलिन की मात्रा और कार्य को measure ( मापा) जा सकता है जिससे इंसुलिन से सम्बन्धित समस्याओं का पता चल सकता है।

पोस्टप्रेडियल रक्त शर्करा टेस्ट ( Post prandial Blood Sugar Test)

पोस्ट प्रांडियल बल्ड शुगर टेस्ट खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज के लेवल को मापने के लिए किया जाता है यह बताता है कि शरीर इंसुलिन का उपयोग कैसे कर रहा है और खाने के बाद बल्ड शुगर कितनी तेजी से बढ़ता या सामान्य होता है।

रैंडम बल्ड शुगर टेस्ट ( Random Blood Sugar Test RBS Test)

इस जांच को किसी भी समय किया जा सकता है इस जांच को तुरंत डायबिटीज की जांच के लिए किया जाता है इसमें 200mg / dl या अधिक की रिपोर्ट आने पर डायबिटीज हो सकती है, पुष्टि के लिए अन्य टेस्ट जरूरी है ।

फास्टिंग बल्ड शुगर टेस्ट ( Fasting Blood Sugar Test FBS

यह टेस्ट करने के लिए एक रात पहले से( 8 से 12 घंटे) कुछ भी खाना मना होता है यह बताता है कि आपके रक्त शर्करा की मात्रा कैसी है जब अपने बिना खाए हुए एक रात बीता रखी है ।

ग्लाइकोहमोग्लोबिन ( HbA1c) टेस्ट

यह टेस्ट पिछले 3 महीने के औसत बल्ड शुगर को मापता है। डायबिटीज की सही डायग्नोसिस और मैनेजमेंट के लिए यह सबसे अच्छे टेस्ट है।

✅ अगर डायबीटिज के मरीज का HbAIc 7%से अधिक है तो यह दर्शाता है कि बल्ड शुगर अनियंत्रित है।

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट ( Lipid Profile Test)

यह टेस्ट खून में विभिन्न प्रकार के लिपिड यानी चर्बी के स्तरों को मापता है। इसके साथ ही यह टेस्ट heart problem or headache से जुड़ी समस्याओं को भी पता लगाने में मदद करता है।

निष्कर्ष ( Conclusion)

डायबिटीज या मधुमेह एक गंभीर समस्या है लेकिन इसको कंट्रोल किया जा सकता है।सही लाइफस्टाइल, हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज करके इसे मैनेज किया जा सकता है। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह कई जटिलताओं को जन्म दे सकता है इसलिए इस नजरंदाज बिलकुल न करें।

स्वस्थ रहें, मस्त रहें।😊

FAQS

1. क्या सिर्फ मीठा खाने से डायबीटिज होती है ?

नहीं, डायबीटिज केवल मीठा खाने से नहीं होती है यह जेनेटिक कारणों, मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और खराब lifestyle के कारण भी हो सकती है।

Q 2. क्या डायबिटीज को पूरी तरह खत्म करना मुमकिन है? 

अब तक डायबीटिज का कोई स्थायी और सटीक इलाज नहीं है पर इसे उचित दवाओं और एक्सरसाइज के साथ और सही आहार से कम ओर नियंत्रित किया जा सकता है।

Q3. डायबिटीज में सबसे अच्छा नाश्ता क्या हो सकता है? 

डायबिटीज के मरीजों के लिए ओट्स, मूंग दाल चीला, दलिया, अंकुरित अनाज, या हाई प्रोटीन नाश्ता सबसे अच्छा होता है।

Q4. क्या टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज अलग अलग होती हैं? 

हां, टाइप 1 डायबिटीज ऑटोम्यून डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर बिल्कुल भी इंसुलिन नहीं बना पाता। यह ज्यादातक बचपन और किशोवस्था में होता है। टाइप 2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन बनाता है, लेकिन उसे सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता है।

Shivanshi

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